बक्सर, हमारे संवाददाता। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) के आह्वान पर बक्सर जिले के इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 27 एलपीजी वितरकों ने सोमवार को जिला मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की घोषणा की।
वितरकों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय ने बताया कि 6 अक्टूबर को ‘नो मनी, नो इंडेंट’ अभियान के तहत कोई भी वितरक कंपनी के खाते में राशि जमा नहीं करेगा और न ही गैस का इंडेंट करेगा।
इसके बाद 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर देशभर के एलपीजी वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।
वितरकों की प्रमुख मांगों में होम डिलीवरी एवं प्रशासनिक शुल्क (कमीशन) में तत्काल 75 रुपये की वृद्धि, उपभोक्ताओं पर पीएनजी लेने की अनिवार्य शर्त संबंधी आदेश वापस लेना, वितरकों द्वारा की गई प्रत्येक ई-केवाईसी के लिए 236 रुपये भुगतान करना शामिल है।
इसके अलावा तेल कंपनियों के अधिकारियों द्वारा वितरकों के माध्यम से चूल्हा, रबर ट्यूब, फायरवॉल, ट्रॉली, चायपत्ती समेत अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री पर रोक लगाने तथा 5 और 19 किलो सिलेंडरों की कथित गैरकानूनी बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल से मांगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की है। वितरकों ने कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।




