बक्सर। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री एवं आधुनिक बिहार के निर्माता डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में भव्य समारोह आयोजित होगा। इसमें बक्सर जिले से अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह गुरुवार को बक्सर पहुंचे। उन्होंने कांग्रेसजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रीबाबू के विचारों में आस्था रखने वाले लोगों को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने बताया कि पिछले 26 वर्षों से वह श्रीबाबू की जयंती पर बक्सर आकर लोगों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करते रहे हैं। इस बार भी उन्होंने अधिकाधिक संख्या में पटना पहुंचकर समारोह को सफल बनाने की अपील की।
बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि श्रीबाबू का जीवन त्याग, संघर्ष, सामाजिक समरसता और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य डॉ. प्रमोद ओझा ने भी श्रीबाबू के योगदान को याद करते हुए लोगों से समारोह में भाग लेने की अपील की।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, करगहर विधायक संतोष मिश्र, राजपुर के पूर्व विधायक विश्वनाथ राम, कांग्रेस नेता भोला ओझा समेत कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन समिति के संयोजक प्रो. शशि भूषण पांडेय ने मंच संचालन किया। वक्ताओं ने श्रीबाबू के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने बिहार को औद्योगिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्र में नई पहचान दिलाई। जमींदारी उन्मूलन जैसे ऐतिहासिक कदमों के साथ औद्योगिक विकास, शिक्षा और आधारभूत संरचना को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बरौनी रिफाइनरी, बरौनी खाद कारखाना और कोसी परियोजना जैसी विकास योजनाओं को गति देने में भी उनके नेतृत्व का योगदान रहा। उन्होंने कहा कि श्रीबाबू के आदर्शों और जनसेवा की भावना से आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।




